तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम हुज्जतुल इस्लाम सिद्दीक़ी ने ब्रिटेन में प्रदर्शनकर्ताओं के साथ पुलिस के हिंसक बर्ताव की निदां की।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में ब्रिटिश पुलिस के हिंसक रवैए की आलोचना की और कहा कि ब्रिटेन के विभिन्न नगरों में फूट पड़ने वाला विरोध उस ईश्वरीय वचन का चिन्ह है जिसकी सूचना इमाम ख़ुमैनी ने दी थी कि अंततः कमज़ोर वर्ग साम्राज्यवादी शक्तियों को परास्त कर देंगे।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने इस विरोध के कारणों के बारे में कहा कि यूरोप में उठने वाली विरोध की आवाज़ उन अपराधों का परिणाम है जो इन यूरोपीय देशों के नेताओं ने अन्य देशों में किए हैं।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि ब्रिटेन सहित कुछ पश्चिमी देश अतिग्रहणकारी देश है और अतिग्रहण पर आने वाला ख़र्च अपने देश की जनता से वसूले जाने वाले कर से प्राप्त करते हैं जिसके कारण इन देशों में स्थिति विस्फोटक बन चुकी है।
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने सूमालिया सहित कुछ अफ़्रीक़ी देशों में पड़ने वाले सूखे का उल्लेख करते हुए इस संदर्भ में राष्ट्र संघ के क्रियाकलापों पर टिप्पणी की।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने कहा कि राष्ट्र संघ अनावश्यक मामलों में प्रस्ताव पारित करता रहता है किंतु सूमालिया में पड़ने वाले सूखे के बारे में तटस्थता बरत रहा है।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने सूमालिया के सूखा पीड़ितों की तत्काल सहायता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सूमालियाई जनता की सहायता के लिए अंतर्राष्ट्रीय संकल्प की आवश्कयता है।
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